Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 2.45.d81: इस प्रकार शिल्पियों में श्रेष्ठ विश्वकर्मा द्वारा निर्मित द्वारका नगरी में प्रवेश करते समय भगवान श्रीकृष्ण ने बार-बार सर्वत्र दृष्टि डाली।   |   mahabharat अध्याय 2.45: द्वारकापुरी एवं रुक्मिणी आदि रानियोंके महलोंका वर्णन, श्रीबलराम और श्रीकृष्णका द्वारकामें प्रवेश   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 45: द्वारकापुरी एवं रुक्मिणी आदि रानियोंके महलोंका वर्णन, श्रीबलराम और श्रीकृष्णका द्वारकामें प्रवेश  »  श्लोक d81
 
 
श्लोक  2.45.d81 
एवं तच्छिल्पिवर्येण विहितं विश्वकर्मणा॥
प्रविशन्नेव गोविन्दो ददर्श परितो मुहु:।
 
 
अनुवाद
इस प्रकार शिल्पियों में श्रेष्ठ विश्वकर्मा द्वारा निर्मित द्वारका नगरी में प्रवेश करते समय भगवान श्रीकृष्ण ने बार-बार सर्वत्र दृष्टि डाली।
 
Thus, while entering the city of Dwarka built by Vishwakarma, the best among craftsmen, Lord Krishna repeatedly looked everywhere.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)