Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.45.d76: उनके घर के बगीचे में स्वच्छ जल से भरे तालाबों के साथ कई कृत्रिम नदियाँ बहती रहती हैं, जो खिले हुए पानी से भरे रहते हैं और दोनों तरफ कई प्रकार के पेड़ों से घिरे होते हैं। | mahabharat अध्याय 2.45: द्वारकापुरी एवं रुक्मिणी आदि रानियोंके महलोंका वर्णन, श्रीबलराम और श्रीकृष्णका द्वारकामें प्रवेश । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उनके घर के बगीचे में स्वच्छ जल से भरे तालाबों के साथ कई कृत्रिम नदियाँ बहती रहती हैं, जो खिले हुए पानी से भरे रहते हैं और दोनों तरफ कई प्रकार के पेड़ों से घिरे होते हैं।
In his home garden, many artificial rivers keep flowing with ponds filled with clean water, which are filled with blooming water and are surrounded by many types of trees on both the sides.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥