Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.45.d50: इसी प्रकार, वहाँ एक और महत्वपूर्ण महल है, जिसका निर्माण स्वयं विश्वकर्मा ने किया है। इसकी लंबाई और चौड़ाई एक-एक योजन है। भगवान का वह भवन सभी प्रकार के रत्नों से बना है। | mahabharat अध्याय 2.45: द्वारकापुरी एवं रुक्मिणी आदि रानियोंके महलोंका वर्णन, श्रीबलराम और श्रीकृष्णका द्वारकामें प्रवेश । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इसी प्रकार, वहाँ एक और महत्वपूर्ण महल है, जिसका निर्माण स्वयं विश्वकर्मा ने किया है। इसकी लंबाई और चौड़ाई एक-एक योजन है। भगवान का वह भवन सभी प्रकार के रत्नों से बना है।
Similarly, there is another important palace there, which has been built by Vishwakarma himself. Its length and breadth are one yojana each. That building of God is made of all kinds of gems.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥