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प्रासादो विरजो नाम विरजस्को महात्मन:॥
उपस्थानगृहं तात केशवस्य महात्मन:।
अनुवाद
वहाँ 'विराज' नाम से प्रसिद्ध एक महल है, जो शुद्ध और रजोगुण से रहित है। वह भगवान कृष्ण का उपस्थानगृह (निवास का विशेष स्थान) है।
There is a palace famous by the name 'Viraj', which is pure and void of the influence of Rajoguna. That is the upasthangriha (special living place) of Lord Krishna.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥