Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 2.45.d108-d109: तत्पश्चात उन्होंने बलवान एवं पराक्रमी दैत्य हयग्रीव पर आक्रमण कर उसका वध कर दिया तथा युद्ध में भौमासुर का भी वध कर दिया। इसके बाद केशव ने माता अदिति के कुण्डल प्राप्त कर उन्हें उनके स्थान पर लौटा दिया तथा स्वर्ग एवं देवताओं में अपना महान यश फैलाया।   |   mahabharat अध्याय 2.45: द्वारकापुरी एवं रुक्मिणी आदि रानियोंके महलोंका वर्णन, श्रीबलराम और श्रीकृष्णका द्वारकामें प्रवेश   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 45: द्वारकापुरी एवं रुक्मिणी आदि रानियोंके महलोंका वर्णन, श्रीबलराम और श्रीकृष्णका द्वारकामें प्रवेश  »  श्लोक d108-d109
 
 
श्लोक  2.45.d108-d109 
हयग्रीवश्च विक्रान्तो निहतो दानवो बली॥
मथितश्च मृधे भौम: कुण्डले चाहृते पुन:।
प्राप्तं च दिवि देवेषु केशवेन महद् यश:॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात उन्होंने बलवान एवं पराक्रमी दैत्य हयग्रीव पर आक्रमण कर उसका वध कर दिया तथा युद्ध में भौमासुर का भी वध कर दिया। इसके बाद केशव ने माता अदिति के कुण्डल प्राप्त कर उन्हें उनके स्थान पर लौटा दिया तथा स्वर्ग एवं देवताओं में अपना महान यश फैलाया।
 
Thereafter he attacked the strong and mighty demon Hayagriva and killed him and also killed Bhoumasur in the war. After this Keshav got the earrings of mother Aditi and returned them to their place and spread his great fame in heaven and among the gods.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)