Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.45.d105-d106: शत्रुओं का नाश करने वाले कमल-नेत्र श्रीहरि ने एक लाख राक्षसों का वध करके पाताल लोक में प्रवेश किया था, जहाँ पहले प्रह्लाद, बलि और शम्बर जैसे राक्षस भी नहीं पहुँच सके थे। भगवान् वहाँ से आप लोगों के लिए यह धन लेकर आये हैं। | mahabharat अध्याय 2.45: द्वारकापुरी एवं रुक्मिणी आदि रानियोंके महलोंका वर्णन, श्रीबलराम और श्रीकृष्णका द्वारकामें प्रवेश । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शत्रुओं का नाश करने वाले कमल-नेत्र श्रीहरि ने एक लाख राक्षसों का वध करके पाताल लोक में प्रवेश किया था, जहाँ पहले प्रह्लाद, बलि और शम्बर जैसे राक्षस भी नहीं पहुँच सके थे। भगवान् वहाँ से आप लोगों के लिए यह धन लेकर आये हैं।
The lotus-eyed Shri Hari, the destroyer of enemies, had killed one lakh demons and entered the underworld, where even demons like Prahlad, Bali and Shambar could not reach earlier. God has brought this wealth for you people from there.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥