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mahabharat 2.44.d82: कन्याओं ने कहा - पुरुषोत्तम! देवर्षि नारद ने हमसे कहा था कि 'भगवान गोविन्द देवताओं का कार्य पूर्ण करने के लिए यहाँ आएंगे।'   |   mahabharat अध्याय 2.44: नरकासुरका सैनिकोंसहित वध, देवता आदिकी सोलह हजार कन्याओंको पत्नीरूपमें स्वीकार करके श्रीकृष्णका उन्हें द्वारका भेजना तथा इन्द्रलोकमें जाकर अदितिको कुण्डल अर्पणकर द्वारकापुरीमें वापस आना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 44: नरकासुरका सैनिकोंसहित वध, देवता आदिकी सोलह हजार कन्याओंको पत्नीरूपमें स्वीकार करके श्रीकृष्णका उन्हें द्वारका भेजना तथा इन्द्रलोकमें जाकर अदितिको कुण्डल अर्पणकर द्वारकापुरीमें वापस आना  »  श्लोक d82
 
 
श्लोक  2.44.d82 
कन्यका ऊचु:
नारदेन समाख्यातमस्माकं पुरुषोत्तम।
आगमिष्यति गोविन्द: सुरकार्यार्थसिद्धये॥
 
 
अनुवाद
कन्याओं ने कहा - पुरुषोत्तम! देवर्षि नारद ने हमसे कहा था कि 'भगवान गोविन्द देवताओं का कार्य पूर्ण करने के लिए यहाँ आएंगे।'
 
The girls said – Purushottam! Devarshi Narad had told us that 'Lord Govind will come here to complete the work of the gods.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)