Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.44.d74: तत्पश्चात बलरामजी और देवराज इन्द्र की आज्ञा से महाबाहु भगवान श्रीकृष्ण ने प्रसन्नतापूर्वक नरकासुर के मणि पर्वत पर बने अन्तःकक्ष में प्रवेश किया। | mahabharat अध्याय 2.44: नरकासुरका सैनिकोंसहित वध, देवता आदिकी सोलह हजार कन्याओंको पत्नीरूपमें स्वीकार करके श्रीकृष्णका उन्हें द्वारका भेजना तथा इन्द्रलोकमें जाकर अदितिको कुण्डल अर्पणकर द्वारकापुरीमें वापस आना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अनुज्ञातस्तु रामेण वासवेन च केशव:।
प्रीयमाणो महाबाहुर्विवेश मणिपर्वतम्॥
अनुवाद
तत्पश्चात बलरामजी और देवराज इन्द्र की आज्ञा से महाबाहु भगवान श्रीकृष्ण ने प्रसन्नतापूर्वक नरकासुर के मणि पर्वत पर बने अन्तःकक्ष में प्रवेश किया।
Thereafter, on the orders of Balramji and Devraj Indra, the mighty-armed Lord Shri Krishna happily entered the inner chamber built on the Mani Parvat of Narakasura.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥