Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.44.d111: वह सब स्वीकार करने पर माता अदिति का मानसिक दुःख दूर हो गया और उन्होंने इन्द्र के छोटे भाई यदुकुलतिलक श्रीकृष्ण और बलराम के साथ बहुत आदरपूर्वक व्यवहार किया। | mahabharat अध्याय 2.44: नरकासुरका सैनिकोंसहित वध, देवता आदिकी सोलह हजार कन्याओंको पत्नीरूपमें स्वीकार करके श्रीकृष्णका उन्हें द्वारका भेजना तथा इन्द्रलोकमें जाकर अदितिको कुण्डल अर्पणकर द्वारकापुरीमें वापस आना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रतिगृह्य च तत् सर्वमदितिर्वासवानुजम्॥
पूजयामास दाशार्हं रामं च विगतज्वरा।
अनुवाद
वह सब स्वीकार करने पर माता अदिति का मानसिक दुःख दूर हो गया और उन्होंने इन्द्र के छोटे भाई यदुकुलतिलक श्रीकृष्ण और बलराम के साथ बहुत आदरपूर्वक व्यवहार किया।
After accepting all that, mother Aditi's mental sorrow went away and she treated Indra's younger brother Yadukultilak Shri Krishna and Balram very respectfully.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥