Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.43.d62: (कंस के साथ हुआ महायुद्ध एक भयानक नदी के समान था।) कंस का क्रोध उस नदी का प्रचंड वेग था। ऊँचे-ऊँचे ध्वज किनारे पर लगे वृक्षों जैसे लग रहे थे। उन्मत्त हाथी बड़े-बड़े मगरमच्छों जैसे थे। वह नदी यमराज की आज्ञा से बहती थी। | mahabharat अध्याय 2.43: कालियमर्दन एवं धेनुकासुर, अरिष्टासुर और कंस आदिका वध, श्रीकृष्ण और बलरामका विद्याभ्यास तथा गुरुदक्षिणारूपसे गुरुजीको उनके मरे हुए पुत्रको जीवित करके देना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
(कंस के साथ हुआ महायुद्ध एक भयानक नदी के समान था।) कंस का क्रोध उस नदी का प्रचंड वेग था। ऊँचे-ऊँचे ध्वज किनारे पर लगे वृक्षों जैसे लग रहे थे। उन्मत्त हाथी बड़े-बड़े मगरमच्छों जैसे थे। वह नदी यमराज की आज्ञा से बहती थी।
(The great war with Kansa was like a terrible river.) Kansa's fury was the great speed of that river. The tall flags looked like trees on the banks. The mad elephants were like big crocodiles. That river used to flow under the command of Yamraj.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥