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mahabharat 2.43.d42: सांदीपनिजी बोले- मेरा पुत्र इसी समुद्र में स्नान कर रहा था, उसी समय 'तिमि' नामक एक जलजन्तु ने उसे पकड़ लिया और अपने भीतर ले जाकर उसके शरीर को खा गया। तुम दोनों का कल्याण हो। मेरे मृत पुत्र को जीवित करके यहाँ ले आओ।   |   mahabharat अध्याय 2.43: कालियमर्दन एवं धेनुकासुर, अरिष्टासुर और कंस आदिका वध, श्रीकृष्ण और बलरामका विद्याभ्यास तथा गुरुदक्षिणारूपसे गुरुजीको उनके मरे हुए पुत्रको जीवित करके देना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 43: कालियमर्दन एवं धेनुकासुर, अरिष्टासुर और कंस आदिका वध, श्रीकृष्ण और बलरामका विद्याभ्यास तथा गुरुदक्षिणारूपसे गुरुजीको उनके मरे हुए पुत्रको जीवित करके देना  »  श्लोक d42
 
 
श्लोक  2.43.d42 
सान्दीपनिरुवाच
मम पुत्र: समुद्रेऽस्मिंस्तिमिना चापवाहित:॥
पुत्रमानय भद्रं ते भक्षितं तिमिना मम।
 
 
अनुवाद
सांदीपनिजी बोले- मेरा पुत्र इसी समुद्र में स्नान कर रहा था, उसी समय 'तिमि' नामक एक जलजन्तु ने उसे पकड़ लिया और अपने भीतर ले जाकर उसके शरीर को खा गया। तुम दोनों का कल्याण हो। मेरे मृत पुत्र को जीवित करके यहाँ ले आओ।
 
Sandipaniji said- My son was bathing in this sea, at that time a water animal named 'Timi' caught him and took him inside and ate his body. May you both be blessed. Bring my dead son back to life and bring him here.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)