Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.43.d41: उन दोनों भाइयों को शस्त्र विद्या में निपुण देखकर विप्रवर सान्दीपनि ने उन्हें गुरुदक्षिणा देने का आदेश दिया। सान्दीपनिजी सभी विषयों के विद्वान थे। उन्होंने श्रीकृष्ण से इस प्रकार अपनी मनोवांछित इच्छा मांगी। | mahabharat अध्याय 2.43: कालियमर्दन एवं धेनुकासुर, अरिष्टासुर और कंस आदिका वध, श्रीकृष्ण और बलरामका विद्याभ्यास तथा गुरुदक्षिणारूपसे गुरुजीको उनके मरे हुए पुत्रको जीवित करके देना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उन दोनों भाइयों को शस्त्र विद्या में निपुण देखकर विप्रवर सान्दीपनि ने उन्हें गुरुदक्षिणा देने का आदेश दिया। सान्दीपनिजी सभी विषयों के विद्वान थे। उन्होंने श्रीकृष्ण से इस प्रकार अपनी मनोवांछित इच्छा मांगी।
Seeing those two brothers adept in the art of weapons, Vipravar Sandipani ordered them to be given Gurudakshina. Sandipaniji was a scholar in all subjects. He requested Shri Krishna for his desired wish in this way.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥