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mahabharat 2.43.d13: भरतनन्दन! उस समय बालक श्रीकृष्ण ने समस्त भूतों के देखते-देखते लोक-कल्याण के अनेक कार्य किये।   |   mahabharat अध्याय 2.43: कालियमर्दन एवं धेनुकासुर, अरिष्टासुर और कंस आदिका वध, श्रीकृष्ण और बलरामका विद्याभ्यास तथा गुरुदक्षिणारूपसे गुरुजीको उनके मरे हुए पुत्रको जीवित करके देना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 43: कालियमर्दन एवं धेनुकासुर, अरिष्टासुर और कंस आदिका वध, श्रीकृष्ण और बलरामका विद्याभ्यास तथा गुरुदक्षिणारूपसे गुरुजीको उनके मरे हुए पुत्रको जीवित करके देना  »  श्लोक d13
 
 
श्लोक  2.43.d13 
तेन बालेन कौन्तेय कृतं लोकहितं तदा॥
पश्यतां सर्वभूतानां वासुदेवेन भारत।
 
 
अनुवाद
भरतनन्दन! उस समय बालक श्रीकृष्ण ने समस्त भूतों के देखते-देखते लोक-कल्याण के अनेक कार्य किये।
 
Bharatnandan! At that time, child Shri Krishna did many works for the public welfare in full view of all the ghosts.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)