Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 2.42.d17: राजन! तत्पश्चात किसी के भय से वसुदेव जी ने अपने नवजात शिशु श्री हरिको, जो सूर्य के समान तेजस्वी थे, को नन्दगोप के घर में छिपा दिया।   |   mahabharat अध्याय 2.42: श्रीकृष्णका प्राकटॺ तथा श्रीकृष्ण-बलरामकी बाललीलाओंका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 42: श्रीकृष्णका प्राकटॺ तथा श्रीकृष्ण-बलरामकी बाललीलाओंका वर्णन  »  श्लोक d17
 
 
श्लोक  2.42.d17 
वसुदेवस्ततो जातं बालमादित्यसंनिभम्।
नन्दगोपकुले राजन् भयात् प्राच्छादयद्धरिम्॥
 
 
अनुवाद
राजन! तत्पश्चात किसी के भय से वसुदेव जी ने अपने नवजात शिशु श्री हरिको, जो सूर्य के समान तेजस्वी थे, को नन्दगोप के घर में छिपा दिया।
 
Rajan! Thereafter, out of fear of someone, Vasudev ji hid his newborn child, Shri Hariko, who was as bright as the sun, in the house of Nandagop.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)