श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 40: वराह, नृसिंह, वामन, दत्तात्रेय, परशुराम, श्रीराम, श्रीकृष्ण तथा कल्कि अवतारोंकी संक्षिप्त कथा  »  श्लोक d62
 
 
श्लोक  2.40.d62 
भीष्म उवाच
पितामहवच: श्रुत्वा सर्वे ते भरतर्षभ।
विबुधा ब्रह्मणा सार्धं जग्मु: क्षीरोदधिं प्रति॥
 
 
अनुवाद
भीष्मजी कहते हैं- भरतश्रेष्ठ! पितामह ब्रह्माजी के ये वचन सुनकर उनके साथ सभी देवता क्षीरसमुद्र के तट पर गये।
 
Bhishmaji says – Bharatshreshtha! Hearing these words of Grandfather Brahma, all the gods along with him went to the shore of Kshir Samudra.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)