राम राम महाबाहो भृगूणां कीर्तिवर्धन।
त्यज शस्त्राणि सर्वाणि न त्वं सौभं वधिष्यसि॥
चक्रहस्तो गदापाणिर्भीतानामभयंकर:।
युधि प्रद्युम्नसाम्बाभ्यां कृष्ण: सौभं वधिष्यति॥
अनुवाद
'राम! राम! महाबाहु! आप भृगुवंश का यश बढ़ाने वाले हैं; अपने समस्त अस्त्र-शस्त्र रख दीजिए। आप सौभ विमान को नष्ट नहीं कर सकेंगे। भयभीतों को भी अभय देने वाले गदाधारी भगवान श्री विष्णु, प्रद्युम्न और साम्ब के साथ युद्ध में सौभ विमान का विनाश कर देंगे।'
'Ram! Ram! Great arms! You are the one who will increase the fame of Bhriguvansh; Put down all your weapons. You will not be able to destroy Saubha Vimana. Lord Shri Vishnu, the mace-wielding Lord who gives fearlessness to the fearful, along with Pradyumna and Samba, will destroy Saubha Vimana in the battle.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥