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mahabharat 2.4.35-36: रुक्मिणीनन्दन प्रद्युम्न, जाम्बवतीकुमार साम्ब, सत्यकपुत्र (सात्यकि), युयुधान, सुधर्मा, अनिरुद्ध, नरश्रेष्ठ शैब्य- ये तथा अन्य अनेक राजा उस सभा में बैठते थे। पृथ्वीपत! उस सभा में अर्जुन का मित्र तुम्बुरु गंधर्व भी नियमित रूप से बैठता था। 35-36॥   |   mahabharat अध्याय 2.4: मयद्वारा निर्मित सभाभवनमें धर्मराज युधिष्ठिरका प्रवेश तथा सभामें स्थित महर्षियों और राजाओं आदिका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 4: मयद्वारा निर्मित सभाभवनमें धर्मराज युधिष्ठिरका प्रवेश तथा सभामें स्थित महर्षियों और राजाओं आदिका वर्णन  »  श्लोक 35-36
 
 
श्लोक  2.4.35-36 
रौक्मिणेयश्च साम्बश्च युयुधानश्च सात्यकि:।
सुधर्मा चानिरुद्धश्च शैब्यश्च नरपुङ्गव:॥ ३५॥
एते चान्ये च बहवो राजान: पृथिवीपते।
धनंजयसखा चात्र नित्यमास्ते स्म तुम्बुरु:॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
रुक्मिणीनन्दन प्रद्युम्न, जाम्बवतीकुमार साम्ब, सत्यकपुत्र (सात्यकि), युयुधान, सुधर्मा, अनिरुद्ध, नरश्रेष्ठ शैब्य- ये तथा अन्य अनेक राजा उस सभा में बैठते थे। पृथ्वीपत! उस सभा में अर्जुन का मित्र तुम्बुरु गंधर्व भी नियमित रूप से बैठता था। 35-36॥
 
Rukmininandan Pradyumna, Jambavatikumar Samba, Satyakaputra (Satyaki), Yuyudhana, Sudharma, Aniruddha, Narashrestha Shaibya - these and many other kings used to sit in that assembly. Prithvipat! Arjuna's friend Tumburu Gandharva also used to sit in that meeting regularly. 35-36॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)