Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.4.10-18: असित, देवल, सत्य, सर्पिरमाली, महाशिरा, अर्वावसु, सुमित्र, मैत्रेय, शुनक, बाली, बक, दल्भ्य, स्थूलशिरा, कृष्णद्वैपायन, शुकदेव, व्यासजी के शिष्य सुमन्तु, जैमिनी, पैल और हम, तित्तिर, याज्ञवल्क्य, लोमहर्षण अपने पुत्र के साथ, अप्सुहोम्य, धौम्य, अनिमाण्डव्य, कौशिक, दमोशनीश। त्रबालि, पर्णाद, घटजानुक, मौंजयन, वायुभाक्ष, पारासर्य, सारिक, बालिवक, सिनीवक, सत्यपाल, कृताश्रम, जातुकर्ण, शिखावन, आलंब, पारिजातक, महाभाग पर्वत, महामुनि मार्कंडेय, पवित्रपाणि, सवर्ण, भालुकी, गालव, जंगबंधु, रैभ्य, कोपवेग, भृगु, हरिभ्रु, कौंडिन्य, उस सभा में बभ्रुमाली, सनातन, कक्षीवान, औशिज, नचिकेत, गौतम, पेंगा, वराह, शुनक (द्वितीय), महान तपस्वी शांडिल्य, कुक्कुर, वेणुजंघ, कलाप और कठ आदि धर्मात्मा, जितात्मा और जितेंद्रिय ऋषि बैठते थे। 10-18॥ | mahabharat अध्याय 2.4: मयद्वारा निर्मित सभाभवनमें धर्मराज युधिष्ठिरका प्रवेश तथा सभामें स्थित महर्षियों और राजाओं आदिका वर्णन । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह