Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.39.d21-d22: इस प्रकार, श्री हरि, जो अपनी महिमा को कभी नहीं खोते, सबकी सृष्टि के कारण और समस्त प्राणियों के मुखिया हैं, ब्रह्मा के रूप में प्रकट हुए और उन्होंने सनत्कुमार, रुद्र, मनु तथा तपस्वी ऋषि-मुनियों को जन्म दिया। उन्होंने सबकी रचना की। उनसे ही समस्त लोक और लोकों की उत्पत्ति हुई। | mahabharat अध्याय 2.39: भगवान् नारायणकी महिमा और उनके द्वारा मधु-कैटभका वध । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस प्रकार, श्री हरि, जो अपनी महिमा को कभी नहीं खोते, सबकी सृष्टि के कारण और समस्त प्राणियों के मुखिया हैं, ब्रह्मा के रूप में प्रकट हुए और उन्होंने सनत्कुमार, रुद्र, मनु तथा तपस्वी ऋषि-मुनियों को जन्म दिया। उन्होंने सबकी रचना की। उनसे ही समस्त लोक और लोकों की उत्पत्ति हुई।
In this way, Shri Hari, who never loses his glory, is the reason for the creation of all and the head of all beings, appeared in the form of Brahma and gave birth to Sanatkumar, Rudra, Manu and the ascetic sages and saints. He created everyone. All the worlds and people were created from him.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥