Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.39.d2-d3: युधिष्ठिर बोले - पितामह! मैं भगवान कृष्ण की सम्पूर्ण कथाएँ विस्तारपूर्वक सुनना चाहता हूँ। कृपया मुझे कृपा करके सुनाएँ। पितामह! भगवान के अवतारों और चरित्रों का क्रमवार वर्णन करें। साथ ही यह भी बताएँ कि भगवान कृष्ण का चरित्र और स्वरूप कैसा है? | mahabharat अध्याय 2.39: भगवान् नारायणकी महिमा और उनके द्वारा मधु-कैटभका वध । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
युधिष्ठिर उवाच
विस्तरेणास्य देवस्य कर्माणीच्छामि सर्वश:।
श्रोतुं भगवतस्तानि प्रब्रवीहि पितामह॥
कर्मणामानुपूर्व्यं च प्रादुर्भावांश्च मे विभो:।
यथा च प्रकृति: कृष्णे तन्मे ब्रूहि पितामह॥
अनुवाद
युधिष्ठिर बोले - पितामह! मैं भगवान कृष्ण की सम्पूर्ण कथाएँ विस्तारपूर्वक सुनना चाहता हूँ। कृपया मुझे कृपा करके सुनाएँ। पितामह! भगवान के अवतारों और चरित्रों का क्रमवार वर्णन करें। साथ ही यह भी बताएँ कि भगवान कृष्ण का चरित्र और स्वरूप कैसा है?
Yudhishthira said - Grandfather! I want to listen to the entire stories of Lord Krishna in detail. Please narrate them to me kindly. Grandfather! Describe the incarnations and characters of the Lord in sequence. Also tell me what is the character and nature of Lord Krishna?
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥