अयं तु पुरुषो बाल: शिशुपालो न बुध्यते।
सर्वत्र सर्वदा कृष्णं तस्मादेवं प्रभाषते॥ ३०॥
अनुवाद
यह शिशुपाल मूर्ख है, यह भगवान श्रीकृष्ण को सर्वव्यापी और सदा स्थिर नहीं समझता, इसीलिए उनके विषय में ऐसी बातें कहता है ॥30॥
This Shishupala is a foolish person, he does not understand Lord Krishna to be omnipresent and always stable, that is why he says such things about him. 30॥