Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.38.16: हम उनके यश, पराक्रम और विजय को भली-भाँति जानकर उनकी पूजा कर रहे हैं। यहाँ बैठे हुए लोगों में एक भी ऐसा व्यक्ति नहीं है, चाहे वह छोटा बालक ही क्यों न हो, जिसके गुणों की हमने पूरी तरह परीक्षा न की हो॥16॥ | mahabharat अध्याय 2.38: युधिष्ठिरका शिशुपालको समझाना और भीष्मजीका उसके आक्षेपोंका उत्तर देना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यश: शौर्यं जयं चास्य विज्ञायार्चां प्रयुञ्ज्महे।
न च कश्चिदिहास्माभि: सुबालोऽप्यपरीक्षित:॥ १६॥
अनुवाद
हम उनके यश, पराक्रम और विजय को भली-भाँति जानकर उनकी पूजा कर रहे हैं। यहाँ बैठे हुए लोगों में एक भी ऐसा व्यक्ति नहीं है, चाहे वह छोटा बालक ही क्यों न हो, जिसके गुणों की हमने पूरी तरह परीक्षा न की हो॥16॥
We are worshipping them knowing well about their fame, valour and victory. There is not a single person among the people sitting here, even a small child, whose qualities we have not fully tested.॥ 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥