Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.31.d15-d16h: वैशम्पायन कहते हैं-महाराज जनमेजय! पाण्डुकुमार सहदेव के ऐसा कहने पर घटोत्कच बहुत प्रसन्न हुआ। उन्होंने 'तथास्तु' कहा और सहदेव की परिक्रमा करके दक्षिण की ओर चल पड़े। | mahabharat अध्याय 2.31: सहदेवके द्वारा दक्षिण दिशाकी विजय । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वैशम्पायन कहते हैं-महाराज जनमेजय! पाण्डुकुमार सहदेव के ऐसा कहने पर घटोत्कच बहुत प्रसन्न हुआ। उन्होंने 'तथास्तु' कहा और सहदेव की परिक्रमा करके दक्षिण की ओर चल पड़े।
Vaishmpayana says - Maharaja Janamejaya! Ghatotkacha was very happy when Pandukumar Sahadeva said this. He said 'Tathastu' and after circling Sahadeva, he proceeded towards the south.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥