Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.31.32: तब भगवान अग्निदेव क्रोध से प्रज्वलित हो उठे। उन्हें इस रूप में देखकर राजा को बड़ा आश्चर्य हुआ और उन्होंने अपना सिर पृथ्वी पर रखकर अग्निदेव को प्रणाम किया। | mahabharat अध्याय 2.31: सहदेवके द्वारा दक्षिण दिशाकी विजय । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रजज्वाल तत: कोपाद् भगवान् हव्यवाहन:।
तं दृष्ट्वा विस्मितो राजा जगाम शिरसावनिम्॥ ३२॥
अनुवाद
तब भगवान अग्निदेव क्रोध से प्रज्वलित हो उठे। उन्हें इस रूप में देखकर राजा को बड़ा आश्चर्य हुआ और उन्होंने अपना सिर पृथ्वी पर रखकर अग्निदेव को प्रणाम किया।
Then Lord Agni blazed up in his rage. The king was very surprised to see him in this form and he bowed down to Agni by placing his head on the earth. 32.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥