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mahabharat 2.30.11-12: तदनन्तर उन्होंने क्रमशः भ्रागराज, निषादराज और मणिमान आदि अनेक भूपालों को अपने अधीन कर लिया। तदनन्तर भीमसेन ने बिना अधिक प्रयास के ही शीघ्र ही दक्षिण मल्लदेश और भोगवान पर्वत को जीत लिया। 11-12॥   |   mahabharat अध्याय 2.30: भीमका पूर्व दिशाके अनेक देशों तथा राजाओंको जीतकर भारी धन-सम्पत्तिके साथ इन्द्रप्रस्थमें लौटना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 30: भीमका पूर्व दिशाके अनेक देशों तथा राजाओंको जीतकर भारी धन-सम्पत्तिके साथ इन्द्रप्रस्थमें लौटना  »  श्लोक 11-12
 
 
श्लोक  2.30.11-12 
भर्गाणामधिपं चैव निषादाधिपतिं तथा।
विजिग्ये भूमिपालांश्च मणिमत्प्रमुखान् बहून्॥ ११॥
ततो दक्षिणमल्लांश्च भोगवन्तं च पर्वतम्।
तरसैवाजयद् भीमो नातितीव्रेण कर्मणा॥ १२॥
 
 
अनुवाद
तदनन्तर उन्होंने क्रमशः भ्रागराज, निषादराज और मणिमान आदि अनेक भूपालों को अपने अधीन कर लिया। तदनन्तर भीमसेन ने बिना अधिक प्रयास के ही शीघ्र ही दक्षिण मल्लदेश और भोगवान पर्वत को जीत लिया। 11-12॥
 
Then, successively, he took under his control many Bhupals like Lord of Bharags, Lord of Nishaads and Maniman etc. Thereafter, Bhimasena quickly conquered South Malladesh and Bhogavan mountain without much effort. 11-12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)