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mahabharat 2.30.1: वैशम्पायन कहते हैं: हे जनमेजय, इसके बाद शत्रुओं का दमन करने वाले भीमसेन ने कुमारदेश के राजा श्रेणिमन और कोशल के राजा बृहदबल को हराया।   |   mahabharat अध्याय 2.30: भीमका पूर्व दिशाके अनेक देशों तथा राजाओंको जीतकर भारी धन-सम्पत्तिके साथ इन्द्रप्रस्थमें लौटना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  2.30.1 
वैशम्पायन उवाच
तत: कुमारविषये श्रेणिमन्तमथाजयत्।
कोसलाधिपतिं चैव बृहद्‍बलमरिंदम:॥ १॥
 
 
अनुवाद
वैशम्पायन कहते हैं: हे जनमेजय, इसके बाद शत्रुओं का दमन करने वाले भीमसेन ने कुमारदेश के राजा श्रेणिमन और कोशल के राजा बृहदबल को हराया।
 
Vaishmpayana says: O Janamejaya, thereafter the suppressor of enemies Bhimasena defeated King Shreniman of Kumaradesh and King Brihadbal of Kosala.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)