Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.3.2-3: 'प्राचीन काल में जब दैत्यों ने कैलाश पर्वत के उत्तर में स्थित मैनाक पर्वत पर यज्ञ करना चाहा था, तब मैंने एक अद्वितीय एवं सुन्दर रत्नजटित पात्र तैयार किया था, जिसे बिन्दुसार के पास सत्यवादी राजा वृषपर्वा के दरबार में रखा गया था।॥ 2-3॥ | mahabharat अध्याय 2.3: मयासुरका भीमसेन और अर्जुनको गदा और शंख लाकर देना तथा उसके द्वारा अद्भुत सभाका निर्माण । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'प्राचीन काल में जब दैत्यों ने कैलाश पर्वत के उत्तर में स्थित मैनाक पर्वत पर यज्ञ करना चाहा था, तब मैंने एक अद्वितीय एवं सुन्दर रत्नजटित पात्र तैयार किया था, जिसे बिन्दुसार के पास सत्यवादी राजा वृषपर्वा के दरबार में रखा गया था।॥ 2-3॥
'In ancient times, when the demons wanted to perform a sacrifice on the Mainak mountain situated to the north of Mount Kailash, I had prepared a unique and beautiful jeweled vessel which was kept in the court of the truthful King Vrishparva, near Bindusara.॥ 2-3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥