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mahabharat 2.29.15: तब भीम ने धर्मराज की सारी इच्छा बताई और राजा शिशुपाल ने उनकी इच्छा स्वीकार कर ली और कर देने को तैयार हो गए॥15॥   |   mahabharat अध्याय 2.29: भीमसेनका पूर्व दिशाको जीतनेके लिये प्रस्थान और विभिन्न देशोंपर विजय पाना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 29: भीमसेनका पूर्व दिशाको जीतनेके लिये प्रस्थान और विभिन्न देशोंपर विजय पाना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  2.29.15 
तस्य भीमस्तदाऽऽचख्यौ धर्मराजचिकीर्षितम्।
स च तं प्रतिगृह्यैव तथा चक्रे नराधिप:॥ १५॥
 
 
अनुवाद
तब भीम ने धर्मराज की सारी इच्छा बताई और राजा शिशुपाल ने उनकी इच्छा स्वीकार कर ली और कर देने को तैयार हो गए॥15॥
 
Then Bhima told him everything that Dharamraj wanted to do. Thereafter King Sisupala accepted his wish and agreed to pay the tax.॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)