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श्री महाभारत
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पर्व 2: सभा पर्व
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अध्याय 29: भीमसेनका पूर्व दिशाको जीतनेके लिये प्रस्थान और विभिन्न देशोंपर विजय पाना
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श्लोक 14
श्लोक
2.29.14
ततो निवेद्य तद् राष्ट्रं चेदिराजो विशाम्पते।
उवाच भीमं प्रहसन् किमिदं कुरुषेऽनघ॥ १४॥
अनुवाद
राजन! तत्पश्चात् चेदिराज ने अपना राष्ट्र भीमसेन को सौंप दिया और हँसकर पूछा - 'अनघ! यह तुम क्या कर रहे हो?'॥14॥
Rajan! Thereafter, Chediraj handed over his nation to Bhimsen and asked laughingly - 'Anagh! What is this that you do?'. 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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