Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.27.24: बलवान धनंजय ने ईशान कोण में आश्रय लेकर वनों में रहने वाले समस्त लुटेरों और डाकुओं को जीतकर अपने अधीन कर लिया ॥24॥ | mahabharat अध्याय 2.27: अर्जुनका अनेक पर्वतीय देशोंपर विजय पाना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रागुत्तरां दिशं ये च वसन्त्याश्रित्य दस्यव:।
निवसन्ति वने ये च तान् सर्वानजयत् प्रभु:॥ २४॥
अनुवाद
बलवान धनंजय ने ईशान कोण में आश्रय लेकर वनों में रहने वाले समस्त लुटेरों और डाकुओं को जीतकर अपने अधीन कर लिया ॥24॥
The powerful Dhananjaya conquered and subdued all the robbers and bandits who were residing in the forests taking shelter in the north-east corner. ॥24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥