Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.19.23-24: भरत! उस शत्रुता के कारण बलवान मगधराज ने अपनी गदा को निन्यानवे बार घुमाकर गिरिव्रज से मथुरा की ओर फेंका। उन दिनों अद्भुत कर्म करने वाले श्रीकृष्ण मथुरा में ही रहते थे। वह उत्तम गदा निन्यानवे योजन दूर मथुरा में गिरी॥23-24॥ | mahabharat अध्याय 2.19: चण्डकौशिक मुनिके द्वारा जरासंधका भविष्यकथन तथा पिताके द्वारा उसका राज्याभिषेक करके वनमें जाना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भरत! उस शत्रुता के कारण बलवान मगधराज ने अपनी गदा को निन्यानवे बार घुमाकर गिरिव्रज से मथुरा की ओर फेंका। उन दिनों अद्भुत कर्म करने वाले श्रीकृष्ण मथुरा में ही रहते थे। वह उत्तम गदा निन्यानवे योजन दूर मथुरा में गिरी॥23-24॥
Bhaarat! Due to that enmity, the powerful Magadhraj swung his mace ninety-nine times and threw it from Girivraj towards Mathura. In those days, Shri Krishna, who performed amazing deeds, lived in Mathura itself. That excellent mace fell ninety-nine yojanas away in Mathura.॥23-24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥