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mahabharat 2.19.14: ‘जैसे समस्त प्राणियों के आत्मा वायुदेव की आज्ञा के अधीन हैं, वैसे ही समस्त राजा भी उनकी आज्ञा के अधीन होंगे।॥14॥   |   mahabharat अध्याय 2.19: चण्डकौशिक मुनिके द्वारा जरासंधका भविष्यकथन तथा पिताके द्वारा उसका राज्याभिषेक करके वनमें जाना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 19: चण्डकौशिक मुनिके द्वारा जरासंधका भविष्यकथन तथा पिताके द्वारा उसका राज्याभिषेक करके वनमें जाना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  2.19.14 
अस्याज्ञावशगा: सर्वे भविष्यन्ति नराधिपा:।
सर्वभूतात्मभूतस्य वायोरिव शरीरिण:॥ १४॥
 
 
अनुवाद
‘जैसे समस्त प्राणियों के आत्मा वायुदेव की आज्ञा के अधीन हैं, वैसे ही समस्त राजा भी उनकी आज्ञा के अधीन होंगे।॥14॥
 
‘Just as the souls of all living beings are subject to the command of Vayudev, similarly all kings will be subject to his command.॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)