Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.17.43: बालक ने अपनी लाल हथेलियों से मुट्ठियाँ भींचकर उन्हें मुँह में डाल लिया और अत्यन्त क्रोधित होकर जल से भरे हुए बादल के समान गम्भीर स्वर में रोने लगा। 43. | mahabharat अध्याय 2.17: श्रीकृष्णके द्वारा अर्जुनकी बातका अनुमोदन तथा युधिष्ठिरको जरासंधकी उत्पत्तिका प्रसंग सुनाना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
बालक ने अपनी लाल हथेलियों से मुट्ठियाँ भींचकर उन्हें मुँह में डाल लिया और अत्यन्त क्रोधित होकर जल से भरे हुए बादल के समान गम्भीर स्वर में रोने लगा। 43.
The child clenched his fists with his red palms and put them in his mouth and became very angry and started crying in a deep voice like a cloud filled with water. 43.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥