Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.17.12: श्रीकृष्ण बोले - हे राजन! मैं तुम्हें जरासंध के बल और पराक्रम के बारे में बता रहा हूँ और यह भी कि उसके बार-बार अप्रसन्न करने पर भी हमने उसकी उपेक्षा क्यों की। मेरी बात सुनो। | mahabharat अध्याय 2.17: श्रीकृष्णके द्वारा अर्जुनकी बातका अनुमोदन तथा युधिष्ठिरको जरासंधकी उत्पत्तिका प्रसंग सुनाना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्रीकृष्ण बोले - हे राजन! मैं तुम्हें जरासंध के बल और पराक्रम के बारे में बता रहा हूँ और यह भी कि उसके बार-बार अप्रसन्न करने पर भी हमने उसकी उपेक्षा क्यों की। मेरी बात सुनो।
Shri Krishna said - O King! I am telling you about the strength and valour of Jarasandha and why we ignored him despite him displeasing us many times. Listen to me.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥