Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.17.10: अथवा यदि हम भी युद्ध में जरासंध को मारकर उसके पक्ष के बचे हुए सैनिकों द्वारा मारे जाएँ, तो भी हमें कोई हानि नहीं होगी। अपने जाति-बंधुओं की रक्षा में लगे रहने के कारण हमें स्वर्ग की प्राप्ति होगी॥10॥ | mahabharat अध्याय 2.17: श्रीकृष्णके द्वारा अर्जुनकी बातका अनुमोदन तथा युधिष्ठिरको जरासंधकी उत्पत्तिका प्रसंग सुनाना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अथवा यदि हम भी युद्ध में जरासंध को मारकर उसके पक्ष के बचे हुए सैनिकों द्वारा मारे जाएँ, तो भी हमें कोई हानि नहीं होगी। अपने जाति-बंधुओं की रक्षा में लगे रहने के कारण हमें स्वर्ग की प्राप्ति होगी॥10॥
Or if we too are killed by the remaining soldiers who were on Jarasandha's side after killing him in the war, then too we will not suffer any harm. Because of being engaged in protecting our caste-brothers, we will attain heaven.॥10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥