Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.15.9: महाबाहु माधव! क्या वह आपके, बलराम, भीमसेन या अर्जुन के द्वारा मारा जा सकता है या नहीं? वार्ष्णेय! (आपकी शक्ति अनंत है), यह जानकर भी मैं बार-बार इसी विषय में सोचता रहता हूँ॥9॥ | mahabharat अध्याय 2.15: जरासंधके विषयमें राजा युधिष्ठिर, भीम और श्रीकृष्णकी बातचीत । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
त्वत्सकाशाच्च रामाच्च भीमसेनाच्च माधव।
अर्जुनाद् वा महाबाहो हन्तुं शक्यो न वेति वै।
एवं जानन् हि वार्ष्णेय विमृशामि पुन: पुन:॥ ९॥
अनुवाद
महाबाहु माधव! क्या वह आपके, बलराम, भीमसेन या अर्जुन के द्वारा मारा जा सकता है या नहीं? वार्ष्णेय! (आपकी शक्ति अनंत है), यह जानकर भी मैं बार-बार इसी विषय में सोचता रहता हूँ॥9॥
Mahabahu Madhava! Can he be killed by you, Balarama, Bhimasena or Arjuna or not? Varshneya! (Your power is infinite,) even after knowing this I keep thinking about this again and again.॥9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥