श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 15: जरासंधके विषयमें राजा युधिष्ठिर, भीम और श्रीकृष्णकी बातचीत  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  2.15.21 
एवं सर्वान् वशे चक्रे जरासंध: शतावरान्।
तं दुर्बलतरो राजा कथं पार्थ उपैष्यति॥ २१॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार जरासंध ने लगभग सौ राजकुलों के कुछ राजाओं को छोड़कर शेष सभी को अपने अधीन कर लिया। हे कुन्तीपुत्र! कोई अत्यन्त दुर्बल राजा उससे युद्ध करने का साहस कैसे कर सकेगा?
 
In this way Jarasandha has subdued all the kings of about a hundred royal families except a few. O son of Kunti! How will any very weak king dare to fight him?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)