Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.14.31-32h: उनके नाम अस्ति और प्राप्ति थे। वे दोनों सहदेव की छोटी बहनें थीं। बुद्धिहीन कंस जरासंध के बल पर अपने ही भाइयों का अपमान करके सबका नेता बन बैठा। यह उसका बहुत बड़ा अत्याचार था। | mahabharat अध्याय 2.14: श्रीकृष्णकी राजसूययज्ञके लिये सम्मति । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अस्ति: प्राप्तिश्च नाम्ना ते सहदेवानुजेऽबले।
बलेन तेन स्वज्ञातीनभिभूय वृथामति:॥ ३१॥
श्रैष्ठॺं प्राप्त: स तस्यासीदतीवापनयो महान्।
अनुवाद
उनके नाम अस्ति और प्राप्ति थे। वे दोनों सहदेव की छोटी बहनें थीं। बुद्धिहीन कंस जरासंध के बल पर अपने ही भाइयों का अपमान करके सबका नेता बन बैठा। यह उसका बहुत बड़ा अत्याचार था।
Their names were Asti and Prapti. Both of them were the younger sisters of Sahadeva. Kansa, who had no wisdom, became the leader of all by insulting his own brothers by the power of Jarasandha. This was a great atrocity on his part. 31 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥