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mahabharat 2.14.3: हे पृथ्वी के स्वामी! हमारे पूर्वजों की सलाह के अनुसार इन क्षत्रियों ने मिलकर यह नियम बनाया है कि जो हम सब क्षत्रियों को पराजित कर देगा, वही सम्राट बनेगा। हे भरतश्रेष्ठ! यह बात आपको भी जाननी चाहिए॥3॥   |   mahabharat अध्याय 2.14: श्रीकृष्णकी राजसूययज्ञके लिये सम्मति   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 14: श्रीकृष्णकी राजसूययज्ञके लिये सम्मति  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  2.14.3 
कृतोऽयं कुलसंकल्प: क्षत्रियैर्वसुधाधिप।
निदेशवाग्भिस्तत् ते ह विदितं भरतर्षभ॥ ३॥
 
 
अनुवाद
हे पृथ्वी के स्वामी! हमारे पूर्वजों की सलाह के अनुसार इन क्षत्रियों ने मिलकर यह नियम बनाया है कि जो हम सब क्षत्रियों को पराजित कर देगा, वही सम्राट बनेगा। हे भरतश्रेष्ठ! यह बात आपको भी जाननी चाहिए॥3॥
 
O lord of the earth! As per the advice of our ancestors, these Kshatriyas have collectively made a rule that whoever defeats all the Kshatriyas amongst us will become the emperor. O best of the Bharatas! You must also know this.॥ 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)