Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 2.14.21-22: हे राजन! जो पृथ्वी के एक-चौथाई भाग के स्वामी हैं, इन्द्र के मित्र हैं, पराक्रमी हैं, जिन्होंने अपने अस्त्र-विद्या के बल से पाण्डव, क्रथ और कैशिक देशों को जीत लिया है, जिनके भाई आकृति परशुराम के समान पराक्रमी हैं, भोजवंश के शत्रु-संहारक राजा भीष्मक (जो मेरे ससुर हैं) भी मगधवंश के राजा जरासंध के भक्त हैं।   |   mahabharat अध्याय 2.14: श्रीकृष्णकी राजसूययज्ञके लिये सम्मति   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 14: श्रीकृष्णकी राजसूययज्ञके लिये सम्मति  »  श्लोक 21-22
 
 
श्लोक  2.14.21-22 
चतुर्थभाग् महाराज भोज इन्द्रसखो बली।
विद्याबलाद् यो व्यजयत् सपाण्डॺक्रथकैशिकान्॥ २१॥
भ्राता यस्याकृति: शूरो जामदग्न्यसमोऽभवत्।
स भक्तो मागधं राजा भीष्मक: परवीरहा॥ २२॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! जो पृथ्वी के एक-चौथाई भाग के स्वामी हैं, इन्द्र के मित्र हैं, पराक्रमी हैं, जिन्होंने अपने अस्त्र-विद्या के बल से पाण्डव, क्रथ और कैशिक देशों को जीत लिया है, जिनके भाई आकृति परशुराम के समान पराक्रमी हैं, भोजवंश के शत्रु-संहारक राजा भीष्मक (जो मेरे ससुर हैं) भी मगधवंश के राजा जरासंध के भक्त हैं।
 
O King! He who is the Lord of one-fourth of the Earth, friend of Indra, powerful, who has conquered the Pandava, Kratha and Kaishika countries with the power of his knowledge of weapons, whose brother Aakriti is as valiant as Parashurama, the enemy-killer King Bhishmaka of the Bhoj dynasty (being my father-in-law) is also a devotee of King Jarasandha of the Magadha dynasty.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)