Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.13.43: भगवान जनार्दन इंद्रप्रस्थ आए और राजा युधिष्ठिर से मिले। उनके चचेरे भाई धर्मराज युधिष्ठिर और भीमसेन ने अपने घरों में अपने पिता के समान श्रीकृष्ण की पूजा की। तत्पश्चात, श्रीकृष्ण ने प्रसन्नतापूर्वक अपनी बुआ कुंती से भेंट की। 43. | mahabharat अध्याय 2.13: युधिष्ठिरका राजसूयविषयक संकल्प और उसके विषयमें भाइयों, मन्त्रियों, मुनियों तथा श्रीकृष्णसे सलाह लेना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इन्द्रप्रस्थगतं पार्थमभ्यगच्छज्जनार्दन:।
स गृहे पितृवद् भ्रात्रा धर्मराजेन पूजित:।
भीमेन च ततोऽपश्यत् स्वसारं प्रीतिमान् पितु:॥ ४३॥
अनुवाद
भगवान जनार्दन इंद्रप्रस्थ आए और राजा युधिष्ठिर से मिले। उनके चचेरे भाई धर्मराज युधिष्ठिर और भीमसेन ने अपने घरों में अपने पिता के समान श्रीकृष्ण की पूजा की। तत्पश्चात, श्रीकृष्ण ने प्रसन्नतापूर्वक अपनी बुआ कुंती से भेंट की। 43.
Lord Janardana came to Indraprastha and met King Yudhishthira. His cousins Dharmaraja Yudhishthira and Bhimasena worshipped Sri Krishna in their homes like their father. Thereafter, Sri Krishna happily met his aunt Kunti. 43.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥