Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.12.22: और जो लोग यहाँ घोर तपस्या करके अपने शरीर का त्याग करते हैं, वे भी इन्द्र की उस सभा में जाकर तेजोमय रूप धारण कर लेते हैं और सदा प्रकाशित रहते हैं ॥ 22॥ | mahabharat अध्याय 2.12: राजा हरिश्चन्द्रका माहात्म्य तथा युधिष्ठिरके प्रति राजा पाण्डुका संदेश । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तपसा ये च तीव्रेण त्यजन्तीह कलेवरम्।
ते तत् स्थानं समासाद्य श्रीमन्तो भान्ति नित्यश:॥ २२॥
अनुवाद
और जो लोग यहाँ घोर तपस्या करके अपने शरीर का त्याग करते हैं, वे भी इन्द्र की उस सभा में जाकर तेजोमय रूप धारण कर लेते हैं और सदा प्रकाशित रहते हैं ॥ 22॥
And those who give up their bodies here by performing severe austerities, they too, after going to that assembly of Indra, assume a radiant form and remain shining forever. ॥ 22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥