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श्लोक  2.12.20 
ये चान्ये च महीपाला राजसूयं महाक्रतुम्।
यजन्ते ते सहेन्द्रेण मोदन्ते भरतर्षभ॥ २०॥
 
 
अनुवाद
हे भरतवंशी रत्न! जो लोग भूपाल राजसूय नामक महान यज्ञ करते हैं, वे भी देवताओं के राजा इन्द्र की संगति का आनन्द लेते हैं।
 
O jewel of the Bharata clan! Others too who perform the great yajna called Bhupala Rajsuya enjoy the company of the king of gods, Indra.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)