Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 18.6.97: इसमें कोई संदेह नहीं कि वैष्णव व्यक्ति केवल महाभारत के श्रवण से ही अठारह पुराणों के श्रवण का सारा फल प्राप्त कर सकता है ॥ 97॥   |   mahabharat अध्याय 18.6:   ।   mahabharat पर्व 18: स्वर्गारोहण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 18: स्वर्गारोहण पर्व  »  अध्याय 6:  »  श्लोक 97
 
 
श्लोक  18.6.97 
अष्टादशपुराणानां श्रवणाद् यत् फलं भवेत्।
तत् फलं समवाप्नोति वैष्णवो नात्र संशय:॥ ९७॥
 
 
अनुवाद
इसमें कोई संदेह नहीं कि वैष्णव व्यक्ति केवल महाभारत के श्रवण से ही अठारह पुराणों के श्रवण का सारा फल प्राप्त कर सकता है ॥ 97॥
 
There is no doubt that a Vaishnavite person can obtain all the benefits of listening to the eighteen Puranas by listening to the Mahabharata alone. ॥ 97॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)