Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 18.6.95: यह महाभारत अत्यंत पवित्र है। यह धर्म के स्वरूप का अनुभव कराने वाला और समस्त सद्गुणों से युक्त है। अपना कल्याण चाहने वाले मनुष्य को इसका श्रवण अवश्य करना चाहिए॥ 95॥ | mahabharat अध्याय 18.6: । mahabharat पर्व 18: स्वर्गारोहण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यह महाभारत अत्यंत पवित्र है। यह धर्म के स्वरूप का अनुभव कराने वाला और समस्त सद्गुणों से युक्त है। अपना कल्याण चाहने वाले मनुष्य को इसका श्रवण अवश्य करना चाहिए॥ 95॥
This Mahabharata is extremely sacred. It gives the experience of the nature of religion and is full of all the good qualities. A person who seeks his welfare must listen to it.॥ 95॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥