श्री महाभारत  »  पर्व 18: स्वर्गारोहण पर्व  »  अध्याय 4: युधिष्ठिरका दिव्यलोकमें श्रीकृष्ण, अर्जुन आदिका दर्शन करना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  18.4.22 
एते चान्ये महीपाला योधास्तव च पाण्डव।
गन्धर्वसहिता यान्ति यक्षपुण्यजनैस्तथा॥ २२॥
 
 
अनुवाद
पाण्डुनन्दन! आपके पक्ष के ये अन्य भूपाल योद्धा गन्धर्वों, यक्षों और पुण्यात्माओं के साथ जा रहे हैं॥22॥
 
Pandunandan! These other Bhupal warriors of your side are going with Gandharvas, Yakshas and virtuous people. 22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)