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mahabharat 18.4.16: यहाँ आपके बड़े भाई कुन्तीकुमार कर्ण हैं, जो अग्नि के समान तेज से चमक रहे हैं। वे सूतपुत्रों में श्रेष्ठ ज्येष्ठ थे और राधापुत्र के नाम से प्रसिद्ध थे।   |   mahabharat अध्याय 18.4: युधिष्ठिरका दिव्यलोकमें श्रीकृष्ण, अर्जुन आदिका दर्शन करना   ।   mahabharat पर्व 18: स्वर्गारोहण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 18: स्वर्गारोहण पर्व  »  अध्याय 4: युधिष्ठिरका दिव्यलोकमें श्रीकृष्ण, अर्जुन आदिका दर्शन करना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  18.4.16 
अयं ते पूर्वजो भ्राता कौन्तेय: पावकद्युुति:।
सूतपुत्राग्रज: श्रेष्ठो राधेय इति विश्रुत:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
यहाँ आपके बड़े भाई कुन्तीकुमार कर्ण हैं, जो अग्नि के समान तेज से चमक रहे हैं। वे सूतपुत्रों में श्रेष्ठ ज्येष्ठ थे और राधापुत्र के नाम से प्रसिद्ध थे।
 
Here is your elder brother Kuntikumar Karna, who is shining with the brilliance of fire. He was the best elder of the Sutaputras and he was famous by the name of Radhaputra.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)