श्री महाभारत  »  पर्व 18: स्वर्गारोहण पर्व  »  अध्याय 4: युधिष्ठिरका दिव्यलोकमें श्रीकृष्ण, अर्जुन आदिका दर्शन करना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  18.4.11 
अखिलं सहसा राजा प्रष्टुमैच्छद् युधिष्ठिर:।
ततोऽस्य भगवानिन्द्र: कथयामास देवराट्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
राजा युधिष्ठिर के मन में अचानक इन सबके विषय में प्रश्न करने का विचार आया। तब देवताओं के राजा इन्द्र स्वयं उन्हें सबका परिचय देने लगे॥11॥
 
King Yudhishthira suddenly thought of asking questions about all these. Then the king of gods, Lord Indra himself began introducing him to everyone.॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)