Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 18.2.31: दुःख और शोक से पीड़ित हुए धर्मात्मा युधिष्ठिर जब वहाँ से लौटने लगे, तो उन्हें चारों ओर से पुकारती हुई व्याकुल जनता की करुण ध्वनि सुनाई दी -॥31॥ | mahabharat अध्याय 18.2: देवदूतका युधिष्ठिरको नरकका दर्शन कराना तथा भाइयोंका करुण-क्रन्दन सुनकर उनका वहीं रहनेका निश्चय करना । mahabharat पर्व 18: स्वर्गारोहण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दुःख और शोक से पीड़ित हुए धर्मात्मा युधिष्ठिर जब वहाँ से लौटने लगे, तो उन्हें चारों ओर से पुकारती हुई व्याकुल जनता की करुण ध्वनि सुनाई दी -॥31॥
As soon as the righteous Yudhishthira, afflicted with grief and sorrow, started returning from there, he heard the pitiful voices of distressed people calling out to him from all sides -॥ 31॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥