श्री महाभारत  »  पर्व 18: स्वर्गारोहण पर्व  »  अध्याय 2: देवदूतका युधिष्ठिरको नरकका दर्शन कराना तथा भाइयोंका करुण-क्रन्दन सुनकर उनका वहीं रहनेका निश्चय करना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  18.2.15 
तत: कुन्तीसुतो राजा देवदूतश्च जग्मतु:।
सहितौ राजशार्दूल यत्र ते पुरुषर्षभा:॥ १५॥
 
 
अनुवाद
तब कुन्तीपुत्र राजा युधिष्ठिर और देवदूत मिलकर उस स्थान की ओर चले जहाँ भीमसेन आदि महापुरुष थे॥15॥
 
The best! Then Kunti's son King Yudhishthir and the angels went together towards the place where the great men like Bhimsen etc. were. 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)